विप्रवर! वे परम धर्मज्ञ महाराज महारानी शतरूपाके साथ तुमसे मिलनेके लिये परसों यहाँ आयेंगे॥ २६॥✎ 300
स चेह विप्र राजर्षिर्महिष्या शतरूपया।
आयास्यति दिदृक्षुस्त्वां परश्वो धर्मकोविदः॥ २६
विप्रवर! वे परम धर्मज्ञ महाराज महारानी शतरूपाके साथ तुमसे मिलनेके लिये परसों यहाँ आयेंगे॥ २६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.21.26 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 337) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/3/21/26/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#300 शब्दोंके बीचका स्थान: श्रीभगवान् ने → श्रीभगवान्ने