वेदोंके मूल कारण जगद्गुरु श्रीकृष्णके इस प्रकार आज्ञा देनेपर उद्धवजी बदरिकाश्रममें जाकर समाधियोगद्वारा श्रीहरिकी आराधना करने लगे॥ ३२॥✎ 208
एवं त्रिलोकगुरुणा सन्दिष्टः शब्दयोनिना।
बदर्याश्रममासाद्य हरिमीजे समाधिना॥ ३२
वेदोंके मूल कारण जगद्गुरु श्रीकृष्णके इस प्रकार आज्ञा देनेपर उद्धवजी बदरिकाश्रममें जाकर समाधियोगद्वारा श्रीहरिकी आराधना करने लगे॥ ३२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.4.32 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 252) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/3/4/32/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)