फिर इसके बुद्धि उत्पन्न हुई; अपने इस स्थानमें अपने अंश बुद्धिशक्तिके साथ वाक्पति ब्रह्माने प्रवेश किया, इस बुद्धिशक्तिसे जीव ज्ञातव्य विषयोंको जान सकता है॥ २३॥
बुद्धिं चास्य विनिर्भिन्नां वागीशो धिष्ण्यमाविशत्।
बोधेनांशेन बोद्धव्यप्रतिपत्तिर्यतो भवेत्॥ २३
फिर इसके बुद्धि उत्पन्न हुई; अपने इस स्थानमें अपने अंश बुद्धिशक्तिके साथ वाक्पति ब्रह्माने प्रवेश किया, इस बुद्धिशक्तिसे जीव ज्ञातव्य विषयोंको जान सकता है॥ २३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.6.23 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 261) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/3/6/23/