वह विराट् ब्रह्मादि प्रजापतियोंका भी प्रभु है। उसने किन-किन प्रजापतियोंको उत्पन्न किया तथा सर्ग, अनुसर्ग और मन्वन्तरोंके अधिपति मनुओंकी भी किस क्रमसे रचना की?॥ २५॥✎ 231
प्रजापतीनां स पतिश्चक्लृपे कान् प्रजापतीन्।
सर्गांश्चैवानुसर्गांश्च मनून्मन्वन्तराधिपान्॥ २५
वह विराट् ब्रह्मादि प्रजापतियोंका भी प्रभु है। उसने किन-किन प्रजापतियोंको उत्पन्न किया तथा सर्ग, अनुसर्ग और मन्वन्तरोंके अधिपति मनुओंकी भी किस क्रमसे रचना की?॥ २५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.7.25 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 265) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/3/7/25/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)