शतद्रुतिके गर्भसे प्राचीनबर्हिके प्रचेता नामके दस पुत्र हुए। वे सब बड़े ही धर्मज्ञ तथा एक-से नाम और आचरणवाले थे॥ १३॥✎ 1606
प्राचीनबर्हिषः पुत्राः शतद्रुत्यां दशाभवन्।
तुल्यनामव्रताः सर्वे धर्मस्नाताः प्रचेतसः॥ १३
शतद्रुतिके गर्भसे प्राचीनबर्हिके प्रचेता नामके दस पुत्र हुए। वे सब बड़े ही धर्मज्ञ तथा एक-से नाम और आचरणवाले थे॥ १३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.24.13 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 525) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/4/24/13/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)