श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 4.24.9

चतुर्थ स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

बर्हिषत् सुमहाभागो हाविर्धानिः प्रजापतिः।

क्रियाकाण्डेषु निष्णातो योगेषु च कुरूद्वह॥ ९

barhiṣat sumahābhāgo hāvirdhāniḥ prajāpatiḥ|

kriyākāṇḍeṣu niṣṇāto yogeṣu ca kurūdvaha|| 9

अर्थ

कुरुश्रेष्ठ विदुरजी! इनमें हविर्धानके पुत्र महाभाग बर्हिषद् यज्ञादि कर्मकाण्ड और योगाभ्यासमें कुशल थे। उन्होंने प्रजापतिका पद प्राप्त किया॥ ९॥✎ 412

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #412 शब्दोंके बीचका स्थान: बर्हिषद्,गय, → बर्हिषद्, गय,

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