कुरुश्रेष्ठ विदुरजी! इनमें हविर्धानके पुत्र महाभाग बर्हिषद् यज्ञादि कर्मकाण्ड और योगाभ्यासमें कुशल थे। उन्होंने प्रजापतिका पद प्राप्त किया॥ ९॥✎ 412
बर्हिषत् सुमहाभागो हाविर्धानिः प्रजापतिः।
क्रियाकाण्डेषु निष्णातो योगेषु च कुरूद्वह॥ ९
कुरुश्रेष्ठ विदुरजी! इनमें हविर्धानके पुत्र महाभाग बर्हिषद् यज्ञादि कर्मकाण्ड और योगाभ्यासमें कुशल थे। उन्होंने प्रजापतिका पद प्राप्त किया॥ ९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.24.9 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 524) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/4/24/9/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)