श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 4.24.8

चतुर्थ स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

हविर्धानाद्धविर्धानी विदुरासूत षट् सुतान्।

बर्हिषदं गयं शुक्लं कृष्णं सत्यं जितव्रतम्॥ ८

havirdhānāddhavirdhānī vidurāsūta ṣaṭ sutān|

barhiṣadaṃ gayaṃ śuklaṃ kṛṣṇaṃ satyaṃ jitavratam|| 8

अर्थ

विदुरजी! हविर्धानकी पत्‍नी हविर्धानीने बर्हिषद्, गय, शुक्ल, कृष्ण, सत्य और जितव्रत नामके छः पुत्र पैदा किये॥ ८॥✎ 412

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #412 शब्दोंके बीचका स्थान: बर्हिषद्,गय, → बर्हिषद्, गय,

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