इन्हें ब्रह्माजीने प्रजापतियोंके नायकके पदपर अभिषिक्त कर सृष्टिकी रक्षाके लिये नियुक्त किया और इन्होंने मरीचि आदि दूसरे प्रजापतियोंको अपने-अपने कार्यमें नियुक्त किया॥ ५१॥✎ 4244251349
तं प्रजासर्गरक्षायामनादिरभिषिच्य च।
युयोज युयुजेऽन्यांश्च स वै सर्वप्रजापतीन्॥ ५१
इन्हें ब्रह्माजीने प्रजापतियोंके नायकके पदपर अभिषिक्त कर सृष्टिकी रक्षाके लिये नियुक्त किया और इन्होंने मरीचि आदि दूसरे प्रजापतियोंको अपने-अपने कार्यमें नियुक्त किया॥ ५१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.30.51 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 569) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/4/30/51/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (3)