॥ श्रीहरिः ॥
भगवान् स्वेन भागेन सर्वात्मा सर्वभागभुक्।
दक्षं बभाष आभाष्य प्रीयमाण इवानघ॥ ४९
bhagavān svena bhāgena sarvātmā sarvabhāgabhuk|
dakṣaṃ babhāṣa ābhāṣya prīyamāṇa ivānagha|| 49
अर्थ
सर्वान्तर्यामी श्रीहरि यों तो सभीके भागोंके भोक्ता हैं; तथापि त्रिकपाल-पुरोडाशरूप अपने भागसे और भी प्रसन्न होकर उन्होंने दक्षको सम्बोधन करके कहा॥ ४९॥
भगवान् स्वेन भागेन सर्वात्मा सर्वभागभुक्।
दक्षं बभाष आभाष्य प्रीयमाण इवानघ॥ ४९
सर्वान्तर्यामी श्रीहरि यों तो सभीके भागोंके भोक्ता हैं; तथापि त्रिकपाल-पुरोडाशरूप अपने भागसे और भी प्रसन्न होकर उन्होंने दक्षको सम्बोधन करके कहा॥ ४९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.7.49 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 441) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/4/7/49/