‘बच्चे! तू राजसिंहासनपर बैठनेका अधिकारी नहीं है। तू भी राजाका ही बेटा है, इससे क्या हुआ; तुझको मैंने तो अपनी कोखमें नहीं धारण किया॥ ११॥
न वत्स नृपतेर्धिष्ण्यं भवानारोढुमर्हति।
न गृहीतो मया यत्त्वं कुक्षावपि नृपात्मजः॥ ११
‘बच्चे! तू राजसिंहासनपर बैठनेका अधिकारी नहीं है। तू भी राजाका ही बेटा है, इससे क्या हुआ; तुझको मैंने तो अपनी कोखमें नहीं धारण किया॥ ११॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.8.11 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 444) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/4/8/11/