अनुह्रादकी पत्नी सूर्म्या थी, उसके दो पुत्र हुए—बाष्कल और महिषासुर। प्रह्रादका पुत्र था विरोचन। उसकी पत्नी देवीके गर्भसे दैत्यराज बलिका जन्म हुआ॥ १६॥
अनुह्रादस्य सूर्म्यायां बाष्कलो महिषस्तथा।
विरोचनस्तु प्राह्रादिर्देव्यास्तस्याभवद्बलिः॥ १६
अनुह्रादकी पत्नी सूर्म्या थी, उसके दो पुत्र हुए—बाष्कल और महिषासुर। प्रह्रादका पुत्र था विरोचन। उसकी पत्नी देवीके गर्भसे दैत्यराज बलिका जन्म हुआ॥ १६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 6.18.16 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 793) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/6/18/16/