॥ श्रीहरिः ॥
इति प्रत्युदिता याम्या दूता यात्वा यमान्तिके।
यमराज्ञे यथा सर्वमाचचक्षुररिंदम॥ २१
iti pratyuditā yāmyā dūtā yātvā yamāntike|
yamarājñe yathā sarvamācacakṣurariṃdama|| 21
अर्थ
प्रिय परीक्षित्! पार्षदोंकी यह बात सुनकर यमदूत यमराजके पास गये और उन्हें यह सारा वृत्तान्त ज्यों-का-त्यों सुना दिया॥ २१॥
इति प्रत्युदिता याम्या दूता यात्वा यमान्तिके।
यमराज्ञे यथा सर्वमाचचक्षुररिंदम॥ २१
प्रिय परीक्षित्! पार्षदोंकी यह बात सुनकर यमदूत यमराजके पास गये और उन्हें यह सारा वृत्तान्त ज्यों-का-त्यों सुना दिया॥ २१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 6.2.21 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 708) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/6/2/21/