प्रत्युत जिन भगवान्की प्राप्ति अत्यन्त कठिन है, उन्हींमें ये दोनों सबके देखते-देखते अनायास ही लीन हो गये—इसका क्या कारण है?॥ १९॥✎ 564565566567
कथं तस्मिन् भगवति दुरवग्राहधामनि।
पश्यतां सर्वलोकानां लयमीयतुरञ्जसा॥ १९
प्रत्युत जिन भगवान्की प्राप्ति अत्यन्त कठिन है, उन्हींमें ये दोनों सबके देखते-देखते अनायास ही लीन हो गये—इसका क्या कारण है?॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 7.1.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 807) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/7/1/19/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (4)