नारदजी कहते हैं—युधिष्ठिर! भगवान्की आज्ञाके अनुसार प्रह्लादजीने अपने पिताकी अन्त्येष्टि-क्रिया की, इसके बाद श्रेष्ठ ब्राह्मणोंने उनका राज्याभिषेक किया॥ २४॥✎ 627628
प्रह्रादोऽपि तथा चक्रे पितुर्यत्साम्परायिकम्।
यथाऽऽह भगवान् राजन्नभिषिक्तो द्विजोत्तमैः॥ २४
नारदजी कहते हैं—युधिष्ठिर! भगवान्की आज्ञाके अनुसार प्रह्लादजीने अपने पिताकी अन्त्येष्टि-क्रिया की, इसके बाद श्रेष्ठ ब्राह्मणोंने उनका राज्याभिषेक किया॥ २४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 7.10.24 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 869) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/7/10/24/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)
#627 शब्दोंके बीचका स्थान: नृसिंहभगवान् को → नृसिंहभगवान्को