ब्रह्माजीने कहा—देवताओंके आराध्यदेव! आप सर्वान्तर्यामी, जीवोंके जीवनदाता और मेरे भी पिता हैं। यह पापी दैत्य लोगोंको बहुत ही सता रहा था। यह बड़े सौभाग्यकी बात है कि आपने इसे मार डाला॥ २६॥
देवदेवाखिलाध्यक्ष भूतभावन पूर्वज।
दिष्ट्या ते निहतः पापो लोकसन्तापनोऽसुरः॥ २६
ब्रह्माजीने कहा—देवताओंके आराध्यदेव! आप सर्वान्तर्यामी, जीवोंके जीवनदाता और मेरे भी पिता हैं। यह पापी दैत्य लोगोंको बहुत ही सता रहा था। यह बड़े सौभाग्यकी बात है कि आपने इसे मार डाला॥ २६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 7.10.26 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 869) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/7/10/26/