सत्यक, हरि और वीर नामक देवताओंके प्रधान गण थे। इन्द्रका नाम था त्रिशिख। उस मन्वन्तरमें ज्योतिर्धाम आदि सप्तर्षि थे॥ २८॥✎ 654
सत्यका हरयो वीरा देवास्त्रिशिख ईश्वरः।
ज्योतिर्धामादयः सप्त ऋषयस्तामसेऽन्तरे॥ २८
सत्यक, हरि और वीर नामक देवताओंके प्रधान गण थे। इन्द्रका नाम था त्रिशिख। उस मन्वन्तरमें ज्योतिर्धाम आदि सप्तर्षि थे॥ २८॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.1.28 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 908) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/8/1/28/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)