ये सब-के-सब समुद्रमन्थनमें सम्मिलित थे। परन्तु इन्हें अमृतका भाग नहीं मिला, केवल क्लेश ही हाथ लगा था। इन सब असुरोंने एक नहीं, अनेक बार युद्धमें देवताओंको पराजित किया था॥ २३॥✎ 20322033
अलब्धभागाः सोमस्य केवलं क्लेशभागिनः।
सर्व एते रणमुखे बहुशो निर्जितामराः॥ २३
ये सब-के-सब समुद्रमन्थनमें सम्मिलित थे। परन्तु इन्हें अमृतका भाग नहीं मिला, केवल क्लेश ही हाथ लगा था। इन सब असुरोंने एक नहीं, अनेक बार युद्धमें देवताओंको पराजित किया था॥ २३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.10.23 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 953) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/8/10/23/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)