देवशिरोमणे! आप उसे देखना चाहते हैं, इसलिये मैं आपको वह रूप दिखाऊँगा। परन्तु वह रूप तो कामी पुरुषोंका ही आदरणीय है, क्योंकि वह कामभावको उत्तेजित करनेवाला है॥ १६॥✎ 733
तत्तेऽहं दर्शयिष्यामि दिदृक्षोः सुरसत्तम।
कामिनां बहु मन्तव्यं सङ्कल्पप्रभवोदयम्॥ १६
देवशिरोमणे! आप उसे देखना चाहते हैं, इसलिये मैं आपको वह रूप दिखाऊँगा। परन्तु वह रूप तो कामी पुरुषोंका ही आदरणीय है, क्योंकि वह कामभावको उत्तेजित करनेवाला है॥ १६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.12.16 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 965) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/8/12/16/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#733 शब्दोंके बीचका स्थान: श्रीविष्णुभगवान् ने → श्रीविष्णुभगवान्ने