श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.13.33

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 13 · अथ त्रयोदशोऽध्यायः

मनुर्वा इन्द्रसावर्णिश्‍चतुर्दशम एष्यति।

उरुगम्भीरबुद्ध्याद्या इन्द्रसावर्णिवीर्यजाः॥ ३३

manurvā indrasāvarṇiścaturdaśama eṣyati|

urugambhīrabuddhyādyā indrasāvarṇivīryajāḥ|| 33

अर्थ

महाराज! चौदहवें मनु होंगे इन्द्रसावर्णि। उरु, गम्भीर, बुद्धि आदि उनके पुत्र होंगे॥ ३३॥

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