॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 8.13.34
पवित्राश्चाक्षुषा देवाः शुचिरिन्द्रो भविष्यति।
अग्निर्बाहुः शुचिः शुद्धो मागधाद्यास्तपस्विनः॥ ३४
pavitrāścākṣuṣā devāḥ śucirindro bhaviṣyati|
agnirbāhuḥ śuciḥ śuddho māgadhādyāstapasvinaḥ|| 34
अर्थ
उस समय पवित्र, चाक्षुष आदि देवगण होंगे और इन्द्रका नाम होगा शुचि। अग्नि, बाहु, शुचि, शुद्ध और मागध आदि सप्तर्षि होंगे॥ ३४॥