उस समय सत्रायणकी पत्नी वितानाके गर्भसे बृहद्भानुके रूपमें भगवान् अवतार ग्रहण करेंगे तथा कर्मकाण्डका विस्तार करेंगे॥ ३५॥
सत्रायणस्य तनयो बृहद्भानुस्तदा हरिः।
वितानायां महाराज क्रियातन्तून्वितायिता॥ ३५
उस समय सत्रायणकी पत्नी वितानाके गर्भसे बृहद्भानुके रूपमें भगवान् अवतार ग्रहण करेंगे तथा कर्मकाण्डका विस्तार करेंगे॥ ३५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.13.35 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 972) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/8/13/35/