आप ही लोककल्याणकारी शिव और आप ही प्रलयकारी रुद्र हैं। समस्त शक्तियोंको धारण करनेवाले भी आप ही हैं। आपको मेरा बार-बार नमस्कार है। आप समस्त विद्याओंके अधिपति एवं भूतोंके स्वामी हैं। आपको मेरा नमस्कार॥ ३२॥✎ 752753
नमः शिवाय रुद्राय नमः शक्तिधराय च।
सर्वविद्याधिपतये भूतानां पतये नमः॥ ३२
आप ही लोककल्याणकारी शिव और आप ही प्रलयकारी रुद्र हैं। समस्त शक्तियोंको धारण करनेवाले भी आप ही हैं। आपको मेरा बार-बार नमस्कार है। आप समस्त विद्याओंके अधिपति एवं भूतोंके स्वामी हैं। आपको मेरा नमस्कार॥ ३२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.16.32 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 981) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/16/32/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)