आप ही आदिदेव हैं। सबके साक्षी हैं। आप ही नरनारायण ऋषिके रूपमें प्रकट स्वयं भगवान् हैं। आपको मेरा नमस्कार॥ ३४॥
नमस्त आदिदेवाय साक्षिभूताय ते नमः।
नारायणाय ऋषये नराय हरये नमः॥ ३४
आप ही आदिदेव हैं। सबके साक्षी हैं। आप ही नरनारायण ऋषिके रूपमें प्रकट स्वयं भगवान् हैं। आपको मेरा नमस्कार॥ ३४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.16.34 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 982) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/8/16/34/