परीक्षित्! जिस तिथिमें भगवान्का जन्म हुआ था, उसे ‘विजया द्वादशी’ कहते हैं। जन्मके समय सूर्य आकाशके मध्यभागमें स्थित थे॥ ६॥✎ 779
द्वादश्यां सवितातिष्ठन्मध्यंदिनगतो नृप।
विजया नाम सा प्रोक्ता यस्यां जन्म विदुर्हरेः॥ ६
परीक्षित्! जिस तिथिमें भगवान्का जन्म हुआ था, उसे ‘विजया द्वादशी’ कहते हैं। जन्मके समय सूर्य आकाशके मध्यभागमें स्थित थे॥ ६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.18.6 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 989) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/18/6/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)