श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.19.15

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 19 · अथैकोनविंशोऽध्यायः

भवानाचरितान्धर्मानास्थितो गृहमेधिभिः।

ब्राह्मणैः पूर्वजैः शूरैरन्यैश्चोद्दामकीर्तिभिः॥ १५

bhavānācaritāndharmānāsthito gṛhamedhibhiḥ|

brāhmaṇaiḥ pūrvajaiḥ śūrairanyaiścoddāmakīrtibhiḥ|| 15

अर्थ

आप भी उसी धर्मका आचरण करते हैं, जिसका शुक्राचार्य आदि गृहस्थ ब्राह्मण, आपके पूर्वज प्रह्लाद और दूसरे यशस्वी वीरोंने पालन किया है॥ १५॥✎ 793

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #793 शब्दोंके बीचका स्थान: विष्णुभगवान् को → विष्णुभगवान्‌को

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