॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 8.22.26
जन्मकर्मवयोरूपविद्यैश्वर्यधनादिभिः ।
यद्यस्य न भवेत् स्तम्भस्तत्रायं मदनुग्रहः॥ २६
janmakarmavayorūpavidyaiśvaryadhanādibhiḥ |
yadyasya na bhavet stambhastatrāyaṃ madanugrahaḥ|| 26
अर्थ
मनुष्ययोनिमें जन्म लेकर यदि कुलीनता, कर्म, अवस्था, रूप, विद्या, ऐश्वर्य और धन आदिके कारण घमंड न हो जाय तो समझना चाहिये कि मेरी बड़ी ही कृपा है॥ २६॥✎ 816