परीक्षित्! उस समय भगवान् श्रीहरिने ब्रह्मवादी ऋत्विजोंकी सभामें अपने पास ही बैठे हुए शुक्राचार्यजीसे कहा॥ १३॥✎ 822
अथाहोशनसं राजन् हरिर्नारायणोऽन्तिके।
आसीनमृत्विजां मध्ये सदसि ब्रह्मवादिनाम्॥ १३
परीक्षित्! उस समय भगवान् श्रीहरिने ब्रह्मवादी ऋत्विजोंकी सभामें अपने पास ही बैठे हुए शुक्राचार्यजीसे कहा॥ १३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.23.13 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 1012) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/8/23/13/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)