श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.24.34

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

त्वं तावदोषधीः सर्वा बीजान्युच्चावचानि च।

सप्तर्षिभिः परिवृतः सर्वसत्त्वोपबृंहितः॥ ३४

tvaṃ tāvadoṣadhīḥ sarvā bījānyuccāvacāni ca|

saptarṣibhiḥ parivṛtaḥ sarvasattvopabṛṃhitaḥ|| 34

अर्थ

उस समय तुम समस्त प्राणियोंके सूक्ष्मशरीरोंको लेकर सप्तर्षियोंके साथ उस नौकापर चढ़ जाना और समस्त धान्य तथा छोटे-बड़े अन्य प्रकारके बीजोंको साथ रख लेना॥ ३४॥

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