vetsyasyanugṛhītaṃ me saṃpraśnairvivṛtaṃ hṛdi|| 38
अर्थ
उस समय जब तुम प्रश्न करोगे तब मैं तुम्हें उपदेश दूँगा। मेरे अनुग्रहसे मेरी वास्तविक महिमा, जिसका नाम ‘परब्रह्म’ है, तुम्हारे हृदयमें प्रकट हो जायगी और तुम उसे ठीक-ठीक जान लोगे॥ ३८॥
मदीयं महिमानं च परं ब्रह्मेति शब्दितम्।
वेत्स्यस्यनुगृहीतं मे संप्रश्नैर्विवृतं हृदि॥ ३८
उस समय जब तुम प्रश्न करोगे तब मैं तुम्हें उपदेश दूँगा। मेरे अनुग्रहसे मेरी वास्तविक महिमा, जिसका नाम ‘परब्रह्म’ है, तुम्हारे हृदयमें प्रकट हो जायगी और तुम उसे ठीक-ठीक जान लोगे॥ ३८॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.24.38 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 1018) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/8/24/38/