श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.6.27

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

अथ तस्मै भगवते नमस्कृत्य पितामहः।

भवश्‍च जग्मतुः स्वं स्वं धामोपेयुर्बलिं सुराः॥ २७

atha tasmai bhagavate namaskṛtya pitāmahaḥ|

bhavaśca jagmatuḥ svaṃ svaṃ dhāmopeyurbaliṃ surāḥ|| 27

अर्थ

उनके चले जानेपर ब्रह्मा और शंकरने फिरसे भगवान्‌को नमस्कार किया और वे अपने-अपने लोकोंको चले गये, तदनन्तर इन्द्रादि देवता राजा बलिके पास गये॥ २७॥✎ 693

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #693 शब्दोंके बीचका स्थान: भगवान् को → भगवान्‌को

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