श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.6.29

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

ते वैरोचनिमासीनं गुप्तं चासुरयूथपैः।

श्रिया परमया जुष्टं जिताशेषमुपागमन्॥ २९

te vairocanimāsīnaṃ guptaṃ cāsurayūthapaiḥ|

śriyā paramayā juṣṭaṃ jitāśeṣamupāgaman|| 29

अर्थ

इसके बाद देवतालोग बलिके पास पहुँचे। बलिने तीनों लोकोंको जीत लिया था। वे समस्त सम्पत्तियोंसे सेवित एवं असुरसेनापतियोंसे सुरक्षित होकर अपने राजसिंहासनपर बैठे हुए थे॥ २९॥✎ 694

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #694 शब्दोंके बीचका स्थान: भगवान् ने → भगवान्‌ने

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