abhyabhāṣata tat sarvaṃ śikṣitaṃ puruṣottamāt|| 30
अर्थ
बुद्धिमान् इन्द्रने बड़ी मधुर वाणीसे समझाते हुए राजा बलिसे वे सब बातें कहीं, जिनकी शिक्षा स्वयं भगवान्ने उन्हें दी थी॥ ३०॥✎ 694
महेन्द्रः श्लक्ष्णया वाचा सान्त्वयित्वा महामतिः।
अभ्यभाषत तत् सर्वं शिक्षितं पुरुषोत्तमात्॥ ३०
बुद्धिमान् इन्द्रने बड़ी मधुर वाणीसे समझाते हुए राजा बलिसे वे सब बातें कहीं, जिनकी शिक्षा स्वयं भगवान्ने उन्हें दी थी॥ ३०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.6.30 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 933) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/8/6/30/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)