परन्तु सिर अमर हो गया और ब्रह्माजीने उसे ‘ग्रह’ बना दिया। वही राहु पर्वके दिन (पूर्णिमा और अमावस्याको) वैर-भावसे बदला लेनेके लिये चन्द्रमा तथा सूर्यपर आक्रमण किया करता है॥ २६॥
शिरस्त्वमरतां नीतमजो ग्रहमचीक्लृपत्।
यस्तु पर्वणि चन्द्रार्कावभिधावति वैरधीः॥ २६
परन्तु सिर अमर हो गया और ब्रह्माजीने उसे ‘ग्रह’ बना दिया। वही राहु पर्वके दिन (पूर्णिमा और अमावस्याको) वैर-भावसे बदला लेनेके लिये चन्द्रमा तथा सूर्यपर आक्रमण किया करता है॥ २६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.9.26 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 950) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/8/9/26/