परीक्षित्! सीतापति भगवान् श्रीरामका चरित्र तो तत्त्वदर्शी ऋषियोंने बहुत कुछ वर्णन किया है और तुमने अनेक बार उसे सुना भी है॥ ३॥
तस्यानुचरितं राजन्नृषिभिस्तत्त्वदर्शिभिः।
श्रुतं हि वर्णितं भूरि त्वया सीतापतेर्मुहुः॥ ३
परीक्षित्! सीतापति भगवान् श्रीरामका चरित्र तो तत्त्वदर्शी ऋषियोंने बहुत कुछ वर्णन किया है और तुमने अनेक बार उसे सुना भी है॥ ३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.10.3 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 51) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/9/10/3/