श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.2.8

नवम स्कन्ध · अध्याय 2 · अथ द्वितीयोऽध्यायः

मन्यमानो हतं व्याघ्रं पृषध्रः परवीरहा।

अद्राक्षीत् स्वहतां बभ्रुं व्युष्टायां निशि दुःखितः॥ ८

manyamāno hataṃ vyāghraṃ pṛṣadhraḥ paravīrahā|

adrākṣīt svahatāṃ babhruṃ vyuṣṭāyāṃ niśi duḥkhitaḥ|| 8

अर्थ

शत्रुदमन पृषध्रने यह समझा कि बाघ मर गया। परंतु रात बीतनेपर उसने देखा कि मैंने तो गायको ही मार डाला है, इससे उसे बड़ा दुःख हुआ॥ ८॥

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