श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.4.36

नवम स्कन्ध · अध्याय 4 · अथ चतुर्थोऽध्यायः

तमानर्चातिथिं भूपः प्रत्युत्थानासनार्हणैः।

ययाचेऽभ्यवहाराय पादमूलमुपागतः॥ ३६

tamānarcātithiṃ bhūpaḥ pratyutthānāsanārhaṇaiḥ|

yayāce'bhyavahārāya pādamūlamupāgataḥ|| 36

अर्थ

राजा अम्बरीष उन्हें देखते ही उठकर खड़े हो गये, आसन देकर बैठाया और विविध सामग्रियोंसे अतिथिके रूपमें आये हुए दुर्वासाजीकी पूजा की। उनके चरणोंमें प्रणाम करके अम्बरीषने भोजनके लिये प्रार्थना की॥ ३६॥

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