श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.1.15

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

एवं विनिमये जाते सुधा राज्ञा प्रपीयताम्।

प्रपास्यामो वयं सर्वे श्रीमद्भागवतामृतम्॥ १५

evaṃ vinimaye jāte sudhā rājñā prapīyatām|

prapāsyāmo vayaṃ sarve śrīmadbhāgavatāmṛtam|| 15

अर्थ

इस प्रकार परस्पर विनिमय (अदला-बदली) हो जानेपर राजा परीक्षित् अमृतका पान करें और हम सब श्रीमद्भागवतरूप अमृतका पान करेंगे’॥ १५ ॥

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