हम तीनों साथ-साथ रहनेवाले हैं। फिर यह विपरीतता क्यों? होना तो यह चाहिये कि माता बूढ़ी हो और पुत्र तरुण॥ ५३॥
त्रयाणां सहचारित्वाद्वैपरीत्यं कुतः स्थितम्।
घटते जरठा माता तरुणौ तनयाविति॥ ५३
हम तीनों साथ-साथ रहनेवाले हैं। फिर यह विपरीतता क्यों? होना तो यह चाहिये कि माता बूढ़ी हो और पुत्र तरुण॥ ५३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.1.53 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 37) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/1/53/