इनके सिवा वेद, वेदान्त (उपनिषद्), मन्त्र, तन्त्र, सत्रह पुराण और छहों शास्त्र भी मूर्तिमान् होकर वहाँ उपस्थित हुए॥ १५॥✎ 12671268
वेदान्तानि च वेदाश्च मन्त्रास्तन्त्राः समूर्तयः।
दशसप्तपुराणानि षट्शास्त्राणि तथाऽऽययुः॥ १५
इनके सिवा वेद, वेदान्त (उपनिषद्), मन्त्र, तन्त्र, सत्रह पुराण और छहों शास्त्र भी मूर्तिमान् होकर वहाँ उपस्थित हुए॥ १५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.3.15 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 48) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/3/15/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)
#1267 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): श्रीमद्भागवता-मृतका → श्रीमद्भागवतामृतका
#1268 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): श्रीमद्भागवत-कथामृतका → श्रीमद्भागवतकथामृतका