॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक PRE.3.16
गङ्गाद्याः सरितस्तत्र पुष्करादिसरांसि च।
क्षेत्राणि च दिशः सर्वा दण्डकादिवनानि च॥ १६
gaṅgādyāḥ saritastatra puṣkarādisarāṃsi ca|
kṣetrāṇi ca diśaḥ sarvā daṇḍakādivanāni ca|| 16
अर्थ
गंगा आदि नदियाँ, पुष्कर आदि सरोवर, कुरुक्षेत्र आदि समस्त क्षेत्र, सारी दिशाएँ, दण्डक आदि वन, हिमालय आदि पर्वत तथा देव, गन्धर्व और दानव आदि सभी कथा सुनने चले आये। जो लोग अपने गौरवके कारण नहीं आये, महर्षि भृगु उन्हें समझा-बुझाकर ले आये॥ १६-१७॥