तब उन्होंने उसके मुखपर बहुत-से दहकते अँगारे डाले; इससे वह अग्निकी लपटोंसे बहुत छटपटाकर मर गया॥ ११॥
तप्ताङ्गारसमूहांश्च तन्मुखे हि विचिक्षिपुः।
अग्निज्वालातिदुःखेन व्याकुलो निधनं गतः॥ ११
तब उन्होंने उसके मुखपर बहुत-से दहकते अँगारे डाले; इससे वह अग्निकी लपटोंसे बहुत छटपटाकर मर गया॥ ११॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.5.11 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 63) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/5/11/