श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.6.3

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

नभस्य आश्विनोर्जौ च मार्गशीर्षः शुचिर्नभाः।

एते मासाः कथारम्भे श्रोतॄणां मोक्षसूचकाः॥ ३

nabhasya āśvinorjau ca mārgaśīrṣaḥ śucirnabhāḥ|

ete māsāḥ kathārambhe śrotṝṇāṃ mokṣasūcakāḥ|| 3

अर्थ

कथा आरम्भ करनेमें भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, आषाढ़ और श्रावण—ये छः महीने श्रोताओंके लिये मोक्षकी प्राप्तिके कारण हैं॥ ३॥✎ 1270

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1270 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): श्रीमद्भागवत-की → श्रीमद्भागवतकी

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