श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.6.41

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

उपोष्य सप्तरात्रं वै शक्तिश्चेच्छृणुयात्तदा।

घृतपानं पयःपानं कृत्वा वै शृणुयात्सुखम्॥ ४१

upoṣya saptarātraṃ vai śaktiścecchṛṇuyāttadā|

ghṛtapānaṃ payaḥpānaṃ kṛtvā vai śṛṇuyātsukham|| 41

अर्थ

यदि शक्ति हो तो सातों दिन निराहार रहकर कथा सुने अथवा केवल घी या दूध पीकर सुखपूर्वक श्रवण करे॥ ४१॥

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