सनकादि कहते हैं—नारदजी! इस प्रकार तुम्हें यह सप्ताहश्रवणकी विधि हमने पूरी-पूरी सुना दी, अब और क्या सुनना चाहते हो? इस श्रीमद्भागवतसे भोग और मोक्ष दोनों ही हाथ लग जाते हैं॥ ६९॥
इति ते कथितं सर्वं किं भूयः श्रोतुमिच्छसि।
श्रीमद्भागवतेनैव भुक्तिमुक्ती करे स्थिते॥ ६९
सनकादि कहते हैं—नारदजी! इस प्रकार तुम्हें यह सप्ताहश्रवणकी विधि हमने पूरी-पूरी सुना दी, अब और क्या सुनना चाहते हो? इस श्रीमद्भागवतसे भोग और मोक्ष दोनों ही हाथ लग जाते हैं॥ ६९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.6.69 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 76) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/mahatmya/padma/6/69/