श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.6.71

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

शृण्वतां सर्वभूतानां सप्ताहं नियतात्मनाम्।

यथाविधि ततो देवं तुष्टुवुः पुरुषोत्तमम्॥ ७१

śṛṇvatāṃ sarvabhūtānāṃ saptāhaṃ niyatātmanām|

yathāvidhi tato devaṃ tuṣṭuvuḥ puruṣottamam|| 71

अर्थ

सूतजी कहते हैं—शौनकजी! यों कहकर महामुनि सनकादिने एक सप्ताहतक विधिपूर्वक इस सर्वपापनाशिनी, परम पवित्र तथा भोग और मोक्ष प्रदान करनेवाली भागवतकथाका प्रवचन किया। सब प्राणियोंने नियमपूर्वक इसे श्रवण किया। इसके पश्चात् उन्होंने विधिपूर्वक भगवान् पुरुषोत्तमकी स्तुति की॥ ७०-७१॥

यह अर्थ श्लोक 70–71 का एक साथ है, जैसा मुद्रित ग्रन्थमें।

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