श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.6.74

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

एवं कथां समाकर्ण्य नारदो भगवत्प्रियः।

प्रेमगद्गदया वाचा तानुवाच कृताञ्जलिः॥ ७४

evaṃ kathāṃ samākarṇya nārado bhagavatpriyaḥ|

premagadgadayā vācā tānuvāca kṛtāñjaliḥ|| 74

अर्थ

इस प्रकार कथा श्रवणकर भगवान्‌के प्यारे नारदजी हाथ जोड़कर प्रेमगद्गद वाणीसे सनकादिसे कहने लगे॥ ७४॥

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