श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.1.16

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

इत्युक्तो विष्णुरातस्तु नन्दादीनां पुरोहितम्।

शाण्डिल्यमाजुहावाशु वज्रसन्देहनुत्तये॥ १६

ityukto viṣṇurātastu nandādīnāṃ purohitam|

śāṇḍilyamājuhāvāśu vajrasandehanuttaye|| 16

अर्थ

जब वज्रनाभने परीक्षित‍्से यह बात कही, तब उन्होंने वज्रनाभका सन्देह मिटानेके लिये महर्षि शाण्डिल्यको बुलवाया। ये ही महर्षि शाण्डिल्य पहले नन्द आदि गोपोंके पुरोहित थे॥ १६॥

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