श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.1.3

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

ऋषय ऊचुः

वज्रं श्रीमाथुरे देशे स्वपौत्रं हस्तिनापुरे।

अभिषिच्य गते राज्ञि तौ कथं किं च चक्रतुः॥ ३

vajraṃ śrīmāthure deśe svapautraṃ hastināpure|

abhiṣicya gate rājñi tau kathaṃ kiṃ ca cakratuḥ|| 3

अर्थ

ऋषियोंने पूछा—सूतजी! धर्मराज युधिष्ठिर जब श्रीमथुरामण्डलमें अनिरुद्धनन्दन वज्रका और हस्तिनापुरमें अपने पौत्र परीक्षित‍्का राज्याभिषेक करके हिमालयपर चले गये, तब राजा वज्र और परीक्षित‍्ने कैसे-कैसे कौन-कौन-सा कार्य किया॥ ३॥

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