श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.1.37

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

कृष्णलीलानुसारेण कृत्वा नामानि सर्वतः।

त्वया वासयता ग्रामान् संसेव्या भूरियं परा॥ ३७

kṛṣṇalīlānusāreṇa kṛtvā nāmāni sarvataḥ|

tvayā vāsayatā grāmān saṃsevyā bhūriyaṃ parā|| 37

अर्थ

भगवान् श्रीकृष्णने जहाँ जैसी लीला की है, उसके अनुसार उस स्थानका नाम रखकर तुम अनेकों गाँव बसाओ और इस प्रकार दिव्य व्रजभूमिका भलीभाँति सेवन करते रहो॥ ३७॥

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