॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक POST.1.38
गोवर्द्धने दीर्घपुरे मथुरायां महावने।
नन्दिग्रामे बृहत्सानौ कार्या राज्यस्थितिस्त्वया॥ ३८
govarddhane dīrghapure mathurāyāṃ mahāvane|
nandigrāme bṛhatsānau kāryā rājyasthitistvayā|| 38
अर्थ
गोवर्धन, दीर्घपुर (डीग), मथुरा, महावन (गोकुल), नन्दिग्राम (नन्दगाँव) और बृहत्सानु (बरसाना) आदिमें तुम्हें अपने लिये छावनी बनवानी चाहिये॥ ३८॥